CCLE प्रशिक्षण

उज्जैन / शिक्षा में गुणवत्ता और छात्र उपस्थिति में वृद्धि के उद्देश्य को लेकर स्कूल शिक्षा विभाग की महत्वपूर्ण योजना CCLE संबंधी बैठक महारानी लक्ष्मीबाई शासकीय कन्या उ मा वि सराफा उज्जैन में आयोजित की गई । इस बैठक में संकुल के सभी प्राचार्य,प्रधानाध्यापक और शिक्षकगण उपस्थित हुए,बैठक को प्राचार्य मुकेश त्रिवेदी, एन के शर्मा और वरिष्ठ प्रधानाध्यापक राजेंद्र प्रसाद पालीवाल ने संबोधित किया । शासन की मंशानुसार उपस्थित शिक्षकों को CCLE गतिविधियों को विस्तार से बताया गया ।प्रशिक्षण सत्र को प्राचार्य ज्ञानेश टैगोर,ज्योति तिवारी,डॉ. प्रेमप्रकाश बोराना, मास्टर ट्रेनर अद्वैता श्रीवास्तव ने संबोधित किया ।प्रशिक्षण के दौरान चित्रकला,क्विज़ आदि भी आयोजित हुई ।

सतपुड़ा भवन में लगी आग

भोपाल। राजधानी भोपाल में सतपुड़ा भवन में भीषण आग लग गई। जिससे वहां काम कर रहे अधिकारी- कर्मचारियों में अफरा-तफरी मच गई। थर्ड फ्लोर पर स्थित आदिम जाति विकास परियोजना के ऑफिस से लपटें उठनी शुरू हुईं और जल्द ही चौथी, पांचवीं और छठवीं मंजिल को अपनी चपेट में ले लिया। आग तेजी से फैल रही है। इस कारण सुरक्षा की दृष्टि से पूरे भवन को खाली कराया गया है। सीआईएसएफ की फायर ब्रिगेड टीम को मौके पर बुलाया गया है।

प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, अनुसूचित जनजाति क्षेत्रीय विकास योजना के ऑफिस में एसी में ब्लास्ट होने के कारण आग लगी है। जो फैलतेफैलते छठवें फ्लोर तक पहुंच गई। आग लगने के कारण स्वास्थ्य विभाग के ऑफिस का फर्नीचर और महत्वपूर्ण फाइलें जलकर खाक हो गई हैं। बताया जा रहा है कि अभी एक साल पहले ही इस ऑफिस को रिनोवेट कराया गया था। आग पर काबू पाने के लिए सीआईएसएफ की फायर ब्रिगेड की टीम को बुलाया गया है।

DEO प्रेमलाल मिश्रा के खिलाफ जांच टीम गठित

सीधी/रीवा से स्थानांतरित होकर सीधी आये जिला शिक्षा अधिकारी डॉ. प्रेमलाल मिश्रा के भ्रष्टाचारों की कलई परत दर परत, दिन-प्रतिदिन खुल रही है। सीधी जिला शिक्षा अधिकारी की पदस्थापना के बाद से ही विवादों की सुर्खियों में  बने रहने वाले डॉ. प्रेमलाल मिश्रा के खिलाफ आयुक्त लोक शिक्षण संचालनालय मध्यप्रदेश भोपाल ने विभागीय जांच के आदेश दिये है। प्राप्त जानकारी के अनुसार  विभागीय जांच की जिम्मेदारी आयुक्त ने जेडी रीवा को सौंपी है।

10 वी और 12 वी का परीक्षा परिणाम 25 मई गुरुवार को

भोपाल। मध्यप्रदेश माध्यमिक शिक्षा मंडल का कक्षा 10वीं और 12वीं का परीक्षा परिणाम 25 मई को आने वाला है। पहले यह मंगलवार 23 मई को जारी होने की सूचना थी। सीबीएसई द्वारा कक्षा दसवीं और 12वीं का परीक्षा परिणाम घोषित किए जाने, प्रदेश के कॉलेजों में प्रवेश के लिए फार्म भरने की प्रक्रिया शुरू होने के बाद एमपी बोर्ड के छात्रों को बेसब्री से परीक्षा परिणाम घोषित होने का इंतजार कर रहे हैं।अब प्रदेश के स्कूल शिक्षा मंत्री इंदर सिंह परमार ने स्पष्ट कर दिया है कि 23 मई को नहीं 25 मई को एमपी बोर्ड का कक्षा दसवीं और बारहवीं का परीक्षा परिणाम आ सकता है। हालांकि 25 मई को परीक्षा परिणाम जारी हो जाएगा, ऐसा भी पूरी तरह से स्पष्ट नहीं है। मंत्री ने 25 मई को परीक्षा परिणाम जारी होने की सिर्फ उम्मीद व्यक्त की है। मंत्री परमार का कहना है कि परिणाम जो भी आए, ये आखिरी मौका नहीं है। जीवन यहीं खत्म नहीं हो जाता। उन्होंने अभिभावकों को सलाह दी कि रिजल्ट आने से एक दिन पहले वे अपने बच्चों से शांत होकर बात करें।

छात्रों को परेशान होने की जरूरत नहीं

स्कूल शिक्षा मंत्री इंदर सिंह परमार ने कहा कि परीक्षा परिणाम को लेकर छात्रों को परेशान होने की कोई जरूरत नहीं है। बोर्ड की परीक्षाओं का परिणाम जो भी हो, छात्रों को उसे स्वीकार करना चाहिए। अगर निराशा हाथ लगती है तो भी ध्यान रखना चाहिए, जीवन यहीं खत्म नहीं होगा। फेल होने वाले छात्रों के लिए एक और मौका है। जिन बच्चों का रिजल्ट बेहतर नहीं आता या फेल हो जाते हैं तो परीक्षा परिणा के बाद उनके पास ‘रुक जाना नहीं योजना का लाभ लेने का मौका है। राज्य ओपन स्कूल की वेबसाइट पर जाकर फेल होने वाले छात्र अपने फॉर्म भर सकेंगे।

फेल होने पर बच्चों को डांटना गलत है

स्कूल शिक्षा मंत्री ने परीक्षा परिणाम जारी होने से पूर्व छात्रों के अभिभावकों को समझाईश देते हुए कहा कि बच्चों में परिणाम के तनाव को लेकर माता-पिता को भी उनसे बात करते रहना चाहिए। परीक्षा परिणाम के प्रेशर को बच्चे पहले से ही अपने दिमाग में बैठा लेते हैं। जब उनका बच्चों का परीक्षा परिणाम मन मुताबिक नहीं आता तो माता-पिता उन्हें डांट लगाते हैं, जबकि ये गलत है। बच्चों से पैरेंट्स को बात करनी चाहिए, क्योंकि आपकी एक फटकार से बच्चे गलत रास्ते तक पहुंच सकते हैं।

Blue Tea -बेहद फायदेमंद,माईग्रेन का दर्द होता हैं ठीक और डाइबिटिज नियंत्रित

आज के समय में ज्यादातर लोग हर्बल टी पीना पसंद करते हैं क्योंकि हर्बल टीन कई सेहतमंद गुणों से भरपूर होती है. हर्बल टी के कई प्रकार है. इसमें ग्रीन टी, कैमेमाइल टी, लेमन टी या तेजपत्ता टी शामिल हैं. लेकिन क्या कभी आपने Blue Tea के बारे में सुना है? अगर नहीं तो आज हम आपको ब्लू टी पीने के फायदे और बनाने का तरीका लेकर आए हैं.

Blue Tea को अपराजिता के फूल से बनाया जाता है. इसमें कई एंटी-डायबिटीक गुण मौजूद होते हैं. इसके सेवन से आपको डायबिटीज कंट्रोल करने में मदद मिलती है. इसके साथ ही इससे आपको कई हेल्थ लाभ भी प्रदान होते हैं, तो चलिए जानते हैं ब्लू टी बनाने की विधि और इसको पीने के लाभ के बारे में

ब्लू टी बनाने की विधि

घर पर Blue Tea बनाने के लिए सबसे पहले 1 पैन लें. फिर आप इसमें 1 कप पानी डालकर अच्छी तरह से उबाल लें. इसके बाद आप इसमें 4 से 5 अपराजिता के फूल डाल दें. फिर आप इसको अच्छी तरह से उबाल लें. इसके बाद आप इसको छानकर एक कप में निकाल लें. फिर आप इसमें थोड़ा सा शहद मिलाकर पीएं. अब आपकी Blue Tea बनकर तैयार है. इसके सेवन से आपको कई लाभ मिलेंगे.

ब्लू टी पीने के फायदे

एनर्जी बूस्टर

Blue Tea कई एंटीऑक्सीडेंट्स से भरपूर होती है जिससे आपके शरीर की थकान दूर होती है और आपको ऊर्जा प्रदान होती है. इसके लिए आप रोजाना 1 कप ब्लू टी का सेवन जरूर करें.

डायबिटीज कंट्रोल करे

Blue Tea में कई ऐसे गुण मौजूद होते हैं जो कि आपके शरीर में ब्लड शुगर को कंट्रोल करने में आपकी मदद करते हैं. इसके साथ ही इसके सेवन से आपकी भूख को भी कंट्रोल किया जा सकता है.

वजन घटाए

ब्लू टी में मेटाबॉलिज्म को बूस्ट करने के गुण पाए जाते हैं, जिसकी सहायता से आपका वजन तेजी से घटने लगता है. रोजाना Blue Tea के सेवन से आप अपना बढ़ता हुआ वजन कम कर सकते हैं.

बालों को मजबूत बनाएं

ब्लू टी के सेवन बालों की समस्या में राहत मिलती है. बाल मजबूत होते हैं. इसमें एंटी ऑक्सीडेंट्स, खनिज तत्व और मिनरल्स अधिक मात्रा में पाए जाते हैं. जिससे बालों को जरूरी पोषण मिलता है.

माइग्रेन दर्द करे ठीक

लगातार माइग्रेन दर्द होने से किसी भी काम में मन नहीं लगता है. इसलिए दर्द को कम करने के लिए आप Blue Tea का सेवन कर सकते हैं. इसमें मौजूद तत्व से माइग्रेन दर्द में आराम मिलेगा. इतना ही नहीं ब्लू का सेवन आप नॉर्मल सिरदर्द के दौरान भी कर सकते हैं.

झुर्रियों को करें कम

असमय आपके चेहरे पर झुर्रिया आ गई है तो आप ब्लू टी का सेवन करें. इसके नियमित सेवन से चेहरे पर बढ़ रही झुर्रिया, फाइन लाइन्स को कम और ठीक करने में मदद करेगी.

अभा कालीदास समारोह

महामहिम ने किया समारोह का शुभारंभ

अखिल भारतीय महाकवि कालीदास समारोह में संत शिरोमणी श्री रामभद्राचार्य जी का सारस्वत सम्मान करते हुए उच्च शिक्षा मंत्री मध्य प्रदेश शासन श्री मोहन यादव एवं संस्कृति मंत्री सुश्री उषा ठाकुर

महामहिम के मुख्य आतिथ्य में अ.भा.कालिदास समारोह-2022 का शुभारम्भ

उज्जैन 04 नवम्बर। शुक्रवार को देव प्रबोधिनी एकादशी के अवसर पर मध्य प्रदेश शासन के राज्यपाल श्री मंगुभाई पटेल के मुख्य आतिथ्य में सात दिवसीय अखिल भारतीय कालिदास समारोह-2022 का शुभारम्भ किया गया। कार्यक्रम के सारस्वत अतिथि श्री तुलसी पीठाधीश्वर पद्म विभूषण जगदगुरू स्वामी रामभद्राचार्यजी महाराज थे। कार्यक्रम की अध्यक्षता मध्य प्रदेश शासन की संस्कृति मंत्री सुश्री उषा ठाकुर और उच्च शिक्षा मंत्री डॉ.मोहन यादव ने की। सांसद श्री अनिल फिरोजिया, महापौर श्री मुकेश टटवाल, विधायक महिदपुर श्री बहादुरसिंह चौहान बतौर विशिष्ट अतिथि कार्यक्रम में शामिल हुए।

उल्लेखनीय है कि शुक्रवार को कालिदास संस्कृत अकादमी के पं.सूर्यनारायण व्यास संकुल सभागृह में विक्रम विश्वविद्यालय और कालिदास संस्कृत अकादमी मध्य प्रदेश संस्कृति परिषद के संयुक्त तत्वावधान में कालिदास समारोह का शुभारम्भ कार्यक्रम आयोजित किया गया।

अतिथियों द्वारा महाकवि कालिदास और पं.सूर्यनारायण व्यास के चित्र के समक्ष दीप प्रज्वलित कर तथा माल्यार्पण कर कार्यक्रम का विधिवत शुभारम्भ किया गया। शासकीय माधव संगीत महाविद्यालय के स्टाफ और विद्यार्थियों द्वारा सरस्वती गान और इसके पश्चात मध्य प्रदेश गान का गायन किया गया। संस्कृति मंत्री और उच्च शिक्षा मंत्री द्वारा शाल और श्रीफल भेंट कर राज्यपाल का स्वागत किया गया। इसके पश्चात अतिथियों द्वारा पुस्तक दुर्वा और मेघदूत का भोजपुरी अनुवाद, कालिदास राष्ट्रीय चित्रकला प्रदर्शनी के ब्रोशर का विमोचन किया गया। कालिदास संस्कृत अकादमी के निदेशक और संचालक संस्कृति संचालनालय भोपाल श्री अदीति कुमार त्रिपाठी ने स्वागत भाषण दिया।

इसके पश्चात मध्य प्रदेश शासन के संस्कृति विभाग द्वारा पद्मभूषण श्री बुधादित्य मुखर्जी (सितार वादन), पद्मश्री डॉ.पुरू दाधिच (कथक नृत्य), श्री वासुदेव कामथ (चित्रकला) और रंगकर्मी एवं प्रसिद्ध अभिनेता श्री राजीव वर्मा को शासन के प्रतिष्ठित अलंकरण ‘राष्ट्रीय कालिदास सम्मान’ से विभूषित किया गया। जानकारी दी गई कि पहली बार ये चारों सम्मान कालिदास समारोह में दिये जा रहे हैं। उपरोक्त सभी कलाकारों ने मध्य प्रदेश शासन के प्रति सम्मानित किये जाने पर आभार व्यक्त किया।

कार्यक्रम के सारस्वत अतिथि स्वामी रामभद्राचार्यजी महाराज ने संस्कृत में आशीर्वचन दिया। संस्कृति मंत्री सुश्री उषा ठाकुर ने अपने उद्बोधन में कहा कि महाकवि कालिदास के सम्पूर्ण जीवन का वर्णन हमारे द्वारा समय-समय पर सुना और पढ़ा जाता रहा है। साहित्य, कला, संस्कृति और संस्कार मानव जीवन को परिपूर्ण करते हैं। इन विधाओं के सम्पूर्ण विकास के लिये संस्कृति विभाग द्वारा निरन्तर प्रयास किये जा रहे हैं। आने वाली पीढ़ी रामचरित मानस के आदर्शों को अपने जीवन में उतार सके, उनसे परिचित हो सके, इसके लिये संस्कृति विभाग द्वारा रामचरित मानस पर आधारित ऑनलाइन परीक्षा का आयोजन बीते दिनों किया गया है। मंत्री सुश्री ठाकुर ने कहा कि उन्होंने महू विधानसभा में 234 स्कूलों का नाम देश के महान क्रान्तिकारियों के नाम पर रखा है। आने वाली पीढ़ी क्रान्तिकारियों के जीवन परिचय से भलीभांति परिचित हो, यह हम सबका प्रयास होना चाहिये। सभी लोग अपने घरों में देश के महान क्रान्तिकारियों के चित्र अवश्य लगायें।

राज्यपाल श्री मंगुभाई पटेल ने इस अवसर पर कहा कि आज अखिल भारतीय कालिदास समारोह कार्यक्रम में सभी के बीच में वे प्रसन्नता का अनुभव कर रहे हैं। महाकवि कालिदास की कृतियां और शास्त्रीय संगीत हम सभी को समय-समय पर आनन्दित करता रहा है। संगीत से मन प्रफुल्लित होता है। आज जिन कलाकारों को राष्ट्रीय कालिदास सम्मान से विभूषित किया गया है, उन्होंने समय-समय पर लोगों का अपनी कला और संस्कृति के माध्यम से मनोरंजन किया है। कथक नृत्य भगवान की स्तुति पर आधारित होता है। श्री पटेल ने कहा कि वे मध्य प्रदेश शासन को इस आयोजन के लिये धन्यवाद देते हैं। उन्होंने कहा कि बीते दिनों श्री महाकाल लोक का प्रसारण पूरी दुनिया के 24 देशों में देखा गया। वहां के लोग भगवान महाकालेश्वर के प्रति आस्थावान हो गये हैं। नई पीढ़ी को भारतीय संस्कृति, कला, साहित्य, इतिहास और महापुरूषों के बारे में समय-समय पर परिचय देना चाहिये। हम सब अपने जीवन में भारत माता के प्रति हृदय से भक्ति और गौरवशाली इतिहास को उतारें और महापुरूषों के आदर्श पर चलें। हमारा साहित्य और कला सदैव हमें प्रेरणा देता रहे।

कार्यक्रम का संचालन प्रो.शैलेन्द्र कुमार शर्मा ने किया। इसके पश्चात धन्यवाद ज्ञापन विक्रम विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो.अखिलेश कुमार पाण्डेय ने किया।

*राज्यपाल ने कवि कुलगुरू कालिदास की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर प्रदर्शनी एवं हस्त शिल्प मेले का शुभारम्भ किया*

राज्यपाल ने अखिल भारतीय कालिदास समारोह के शुभारम्भ के पूर्व सर्वप्रथम कालिदास अकादमी परिसर में स्थित कवि कुलगुरू कालिदास की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया। इसके बाद उन्होंने रघुवंशम में लगी प्रदर्शनी का शुभारम्भ दीप प्रज्वलन कर किया। उन्होंने प्रदर्शनी के शुभारम्भ अवसर पर विजिटर्स बुक में लिखा कि “अखिल भारतीय कालिदास समारोह में आकर मुझे प्रसन्नता हुई है। संस्कृति के संरक्षण एवं संवर्धन हेतु किये जा रहे इस प्रयास की मैं सराहना करता हूं। सफल आयोजन हेतु आयोजकों को मेरी ओर से हार्दिक शुभकामना।” तत्पश्चात उन्होंने अश्विनी शोध संस्थान महिदपुर द्वारा लगाई गई सिक्कों की प्रदर्शनी का फीता काट कर शुभारम्भ कर प्रदर्शनी का अवलोकन किया। राज्यपाल ने इसके बाद कालिदास अकादमी परिसर में स्थित हाथ करघा एवं हस्त शिल्प मेला का फीता काट कर एवं परिसर में श्री गणेशजी की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर दीप-दीपन कर मेले का शुभारम्भ किया। इस अवसर पर जिला पंचायत की मुख्य कार्यपालन अधिकारी सुश्री अंकिता धाकरे ने राज्यपाल को स्मृति चिन्ह भेंट किया। इस अवसर पर उच्च शिक्षा मंत्री डॉ.मोहन यादव, संस्कृति मंत्री सुश्री उषा ठाकुर, सांसद श्री अनिल फिरोजिया, विधायक महिदपुर श्री बहादुरसिंह चौहान, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती कमला कुंवर, उपाध्यक्ष श्रीमती शिवानी कुंवर, श्री बहादुरसिंह बोरमुंडला, श्री रूप पमनानी, संभागायुक्त श्री संदीप यादव, आईजी श्री संतोष कुमार सिंह, डीआईजी श्री अनिल कुशवाह, कलेक्टर श्री आशीष सिंह, पुलिस अधीक्षक श्री सत्येन्द्र कुमार शुक्ल, कुलपति श्री अखिलेश कुमार पाण्डेय, कुल सचिव डॉ.प्रशांत पुराणिक सहित गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।

प्रश्नमंच प्रतियोगिता

जनशिक्षा केन्द्र स्तरीय प्रतियोगिता आयोजित

उज्जैन( राघवकीर्ति ) / गतदिवस राज्यशिक्षा केन्द्र के निर्देश अनुसार जन शिक्षा केंद्र शासकीय कन्या उमावि सराफा अंतर्गत जन शिक्षा केंद्र स्तरीय प्रश्न मंच प्रतियोगिता का आयोजन हुआ  जन शिक्षा केंद्र प्रभारी मुकेश त्रिवेदी के मार्गदर्शन में आयोजित प्रश्नमंच प्रतियोगिता में जनशिक्षा अन्तर्गत विद्यालयों से चयनित विद्यार्थियों नें भाग लिया  प्रति प्रतियोगिता में पर्यवेक्षक कार्य शिक्षक वासुदेव मण्डलोई एवं सुश्री उपमा शर्मा द्वारा किया गया  उत्तरपुस्तिकाओं का मूल्यांकन कार्य सुश्री उमा शर्मा ,श्रीमती अर्चना शाक्यवाल एवं जनशिक्षक जीवन कुमार मसीह द्वारा किया गया  प्रतिभागियों को मूल्यांकन के आधार पर चार स्तर पर छात्रों को शील्ड भगवन्नाम संकीर्तन मंडल के सौजन्य से राष्ट्रीय संयोजक आचार्य राघवकीर्ति गणेश की उपस्थिति मे प्रदान की गई  प्रतियोगिता में प्रथम स्थान उच्चतर माध्यमिक विद्यालय दौलतगंज के अंशुल वर्मा, द्वितीय स्थान मा वि नलिया बाखल के छात्र चिराग,तृतीय स्थान शा मा वि दौलतगंज भैरूपुरा कु. पायल माली और चतुर्थ स्थान शा मा वि महाकाल मैदान की छात्रा मोना माली नें प्राप्त किया। कार्यक्रम में सम्मिलित सभी संस्था प्रभारियों एवं शिक्षकों - छात्रों के प्रति जनशिक्षक भूपेंद्र गोमे द्वारा आभार व्यक्त किया गया 

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इस प्रदेश का,अब यह नया नाम

केरल अब केरलम्

॥ केरल भया केरलम् ॥

प्राप्त जानकारी के मुताबिक, केंद्रीय मंत्रिमंडल ने मंगलवार केरल का नाम बदलकर ‘केरलम’ करने के राज्य सरकार के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। बता दें कि आगामी अप्रैल-मई महीने के बीच केरल में विधानसभा का चुनाव होना है। ऐसे में सरकार का ये फैसला काफी अहम माना जा रहा है। केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने मंगलवार को इस बात की जानकारी दी है।

प्रदेश सरकार द्वारा भेजा गया था प्रस्ताव !!

प्राप्त सूत्रों के अनुसार केरल की विधानसभा ने वर्ष 2024 में 24 जून को आम सहमति के साथ प्रस्ताव पारित किया था और केंद्र सरकार से अपील की थी कि केरल का नाम आधिकारिक तौर पर बदलकर केरलम कर दिया जाए। विधानसभा की ओर से भेजे गए इस प्रस्ताव पर अब मंगलवार को हुई केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में केरल का नाम बदलकर केरलम करने को मंजूरी दे दी गई है।

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पशु चिकित्सक निलंबित

संभागायुक्‍त उज्‍जैन संभाग उज्‍जैन आशीष सिह द्वारा .प्र.सिविल सेवा(आचरण) नियम 1965 के तहत बगैर सूचना के कर्तव्‍य पर अनुपस्थित रहने, विभागीय कार्यो में रूची नहीं लेने, गौशाला नोडल अधिकारी के रूप में लापरवाही करने और शासकीय कार्यो के निवर्हन में उदासीनता बरतने पर पशु चिकित्‍सालय रतनगढ में पदस्‍थ पशुचिकित्‍सा सहायक शल्‍यज्ञ डा.आरती रावत को तत्‍काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। निलंबन काल में डॉ.आरती रावत का मुख्‍यालय कलेक्‍टर कार्यालय नीमच रहेगा और उन्‍हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्‍ता देय होगा।

#Vetenary #raghavkirti #neemuch #dr #suspend

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राष्टीय जाट महासभा

जिला अध्यक्ष पद महिला नेतृत्व को

*संगठन में नई ऊर्जा का संचार*

उज्जैन। राष्ट्रीय जाट महासभा (भारत) ने संगठन विस्तार के तहत एक महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए महिला इकाई की सक्रिय सदस्य भावना जाट महेश जाट को उज्जैन जिला अध्यक्ष पद की जिम्मेदारी सौंपी है। यह नियुक्ति प्रदेश अध्यक्ष चौधरी सुनील ठींगला एवं प्रदेश कोर कमेटी के निर्देशानुसार की गई है।


इस फैसले के बाद संगठन कार्यकर्ताओं में उत्साह का माहौल देखा जा रहा है। माना जा रहा है कि भावना जाट के नेतृत्व में उज्जैन जिले में संगठनात्मक गतिविधियों को नई दिशा और गति मिलेगी।
नवनियुक्त जिला अध्यक्ष भावना जाट ने अपने उद्बोधन में कहा कि वह संगठन की विचारधारा को मजबूत करने, समाज हित में कार्य करने तथा युवाओं और महिलाओं को संगठन से जोड़ने के लिए पूर्ण समर्पण के साथ कार्य करेंगी।
संगठन परिवार की ओर से उन्हें इस महत्वपूर्ण दायित्व के लिए हार्दिक बधाई एवं उज्ज्वल भविष्य की मंगलकामनाएं दी गईं।
राजनीतिक और सामाजिक हलकों में इस नियुक्ति को महिला नेतृत्व को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

श्रीमहाकालेश्वर मंदिर,उज्जैन

डिजिटल सुविधा का विस्तार : सांध्य और शयन आरती की भी ऑनलाइन बुकिंग शुरू


उज्जैन। महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग में डिजिटलाइजेशन की प्रक्रिया को निरंतर आगे बढ़ाते हुए मंदिर प्रबंध समिति द्वारा संध्या आरती एवं शयन आरती की बुकिंग प्रक्रिया को पूर्णतः ऑनलाइन करने का निर्णय लिया गया है। यह व्यवस्था पारदर्शिता, सुव्यवस्थित प्रबंधन एवं श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए लागू की जा रही है।

•अब श्रद्धालु दोनों आरतियों के लिए केवल मंदिर की अधिकृत वेबसाइट के माध्यम से ही बुकिंग कर सकेंगे:
https://www.shrimahakaleshwar.mp.gov.in/�
1)संध्या आरती की ऑनलाइन बुकिंग प्रतिदिन दोपहर 12:00 बजे से प्रारंभ होगी।
2)शयन आरती की ऑनलाइन बुकिंग प्रतिदिन शाम 4:00 बजे से प्रारंभ होगी।

•दोनों ही आरतियों के लिए प्रति श्रद्धालु ₹250/- (शीघ्र दर्शन के समान) शुल्क निर्धारित किया गया है। बुकिंग फर्स्ट कम, फर्स्ट सर्व (प्रथम आओ, प्रथम पाओ) के आधार पर की जाएगी।

•दोनों आरतियों हेतु प्रवेश द्वार क्रमांक 1 निर्धारित किया गया है।
1)संध्या आरती के लिए प्रवेश का अंतिम समय सायं 6:00 बजे रहेगा।
2)शयन आरती के लिए प्रवेश का अंतिम समय रात्रि 10:00 बजे रहेगा।

•दोनों आरतियों के निर्धारित समय के दौरान चलित दर्शन की प्रक्रिया भी संचालित की जाएगी, जिससे श्रद्धालु सुव्यवस्थित रूप से दर्शन लाभ प्राप्त कर सकें।

मंदिर समिति का उद्देश्य डिजिटल माध्यम से पारदर्शी, सुव्यवस्थित एवं श्रद्धालु-अनुकूल व्यवस्था सुनिश्चित करना है, जिससे अधिकाधिक श्रद्धालु सुगमता से आरती एवं दर्शन का लाभ प्राप्त कर सकें।

आचार्य राघवकीर्ति गणेश

तनाव में एक हादसा

बैंक के अधिकारी मकान को सील करने पहुंचे तो मकान मालिक ने खुद को गोली मारकर की आत्महत्या

इंदौर के विजय नगर इलाके में सोमवार शाम उस समय सनसनी फैल गई, जब एक व्यक्ति ने बैंक की कुर्की कार्रवाई के दौरान खुद को गोली मारकर आत्महत्या कर ली। बैंक ऑफ महाराष्ट्र की टीम कोर्ट के कुर्की आदेश पर मकान सील करने पहुंची थी लेकिन मकान मालिक ने एक दिन का समय मांगा था, जब बैंक कचरियों और बैंक वकील ने मोहलत नहीं दी तो उन्होंने लायसेंसी बंदूक से खुद को गोली मार ली।

विजय नगर थाना प्रभारी चंद्रकांत पटेल के मुताबिक 51 वर्षीय हेमंत ब्रह्मवंशी, जो इंदौर प्रीमियर कॉपरेटिव बैंक में कार्यरत थे, अपने घर पर मौजूद थे। इसी दौरान कोर्ट के आदेश पर बैंक ऑफ महाराष्ट्र की रिकवरी टीम मोर्टगेज लोन की कुर्की की कार्रवाई करने उनके घर पहुंची। टीम को देखकर हेमंत मानसिक रूप से बेहद परेशान और तनावग्रस्त हो गए उन्होंने बैंक कर्मचारियों और बैंक के वकील से एक दिन की मोहलत मांगी उन्होंने बैंक कर्मचारी और बैंक के वकील से लोन की राशि जमा करने के लिए एक दिन की मोहलत मांगी थी लेकिन सभी ने मोहलत देने से मना कर दिया। इसी बीच वो घर के भीतर उन्होंने अपनी लाइसेंसी बंदूक उठाई और खुद को गोली मार ली। गोली लगते ही उनकी मौके पर ही मौत हो गई। घटना के समय घर में हेमंत की पत्नी और बेटा भी मौजूद थे, जो अचानक हुई इस वारदात से सदमे में हैं। गोली चलने की आवाज सुनते ही आसपास के लोग भी इकट्ठा हो गए और हेमंत को घर से दो सौ मीटर दूर अपोलो अस्पताल ले जाया गया जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। सूचना मिलते ही विजय नगर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और एफएसएल टीम को भी बुलाया गया। फॉरेन्सिक अधिकारियों ने घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण किया और हथियार सहित अन्य सबूतों को कब्जे में लिया। पुलिस प्रारंभिक तौर पर इसे आत्महत्या मान रही है, हालांकि बैंक की टीम द्वारा की जा रही कुर्की कार्रवाई के समय हुई इस घटना की पूरी परिस्थितियों की जांच की जा रही है। फिलहाल पुलिस परिजनों के बयान लेकर आगे की कार्रवाई में जुटी है। शुरुआती जानकारी में बैंक ऑफ महाराष्ट्र की टीम द्वारा केवल कोर्ट आदेश के पालन में कुर्की करने पहुंचने की बात सामने आई है। घटना ने पूरे क्षेत्र में भय और आक्रोश का माहौल पैदा कर दिया है।

रबी विपणन वर्ष 2026-27

समर्थन मूल्य पर गेहूँ उपार्जन हेतु पंजीयन 7 फरवरी से 7 मार्च तक


भोपाल/रबी विपणन वर्ष 2026-27 में समर्थन मूल्य पर गेहूँ उपार्जन के लिये किसान पंजीयन प्रक्रिया का निर्धारण कर दिया गया है। किसान 7 फरवरी से 7 मार्च तक पंजीयन करा सकते हैं। खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री श्री गोविंद सिंह राजपूत ने किसानों से आग्रह किया है कि निर्धारित समय में पंजीयन करा लें, जिससे किसी भी प्रकार की असुविधा नहीं हो। उन्होंने बताया है कि किसान पंजीयन की व्यवस्था को सहज और सुगम बनाया गया है। कुल 3186 पंजीयन केन्द्र बनाये गए हैं। भारत सरकार द्वारा वर्ष 2026-27 के लिये गेहूँ का न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) 2585 रूपये प्रति क्विंटल घोषित किया गया है, जो गत वर्ष से 160 रूपये अधिक है।

*पंजीयन की नि:शुल्क व्यवस्था*
  पंजीयन की निःशुल्क व्यवस्था ग्राम पंचायत और जनपद पंचायत कार्यालयों में स्थापित सुविधा केन्द्र पर, तहसील कार्यालयों में स्थापितk सुविधा केन्द्र पर और सहकारी समितियों एवं सहकारी विपणन संस्थाओं द्वारा संचालित पंजीयन केन्द्र पर की गई है।

*पंजीयन की सशुल्क व्यवस्था*
  पंजीयन की सशुल्क व्यवस्था एम.पी. ऑनलाईन कियोस्क, कॉमन सर्विस सेन्टर कियोस्क, लोक सेवा केन्द्र और निजी व्यक्तियों द्वारा संचालित साइबर कैफे पर की गई है। इन केन्द्रों पर पंजीयन के लिये शुल्क राशि प्राप्त करने के संबंध में कलेक्टर निर्देश जारी करेंगे। प्रति पंजीयन के लिये 50 रूपये से अधिक शुल्क निर्धारित नहीं किया जाएगा। किसान पंजीयन के लिए भूमि संबंधी दस्तावेज़ एवं किसान के आधार कार्ड एवं अन्य फोटो पहचान-पत्रों का समुचित परीक्षण कर उनका रिकार्ड रखा जाना अनिवार्य होगा।

  सिकमी, बटाईदार, कोटवार एवं वन पट्टाधारी किसान के पंजीयन की सुविधा केवल सहकारी समिति एवं सहकारी विपणन सहकारी संस्था ‌द्वारा संचालित पंजीयन केन्द्रों पर उपलब्ध होगी। इस श्रेणी के शत-प्रतिशत किसानों का सत्यापन राजस्व विभाग द्वारा किया जाएगा। पूर्व वर्षों की किसी अपात्र संस्था में केन्द्र प्रभारी एवं ऑपरेटर को किसी अन्य संस्था में पंजीयन के लिए नहीं रखा जायेगा।

*उपार्जित फसल के भुगतान हेतु बैंक खाता*
  किसान द्वारा समर्थन मूल्य पर विक्रय उपज का भुगतान प्राथमिकता के आधार पर किसान के आधार लिंक बैंक खाते में किया जाएगा। किसान के आधार लिंक बैंक खाते में भुगतान करने में किसी कारण से समस्या उत्पन्न होने पर किसान ‌द्वारा पंजीयन में उपलब्ध कराये गए बैंक खाते में भुगतान किया जा सकेगा। किसान पंजीयन के समय किसान को बैंक का नाम खाता नंबर और IFSC कोड की जानकारी उपलब्ध करानी होगी। अक्रियाशील बैंक खाते, संयुक्त बैंक खाते एवं फिनो, एयरटेल, पेटीएम, बैंक खाते पंजीयन में मान्य नहीं होंगे। पंजीयन व्यवस्था में बेहतर सेवा प्राप्त करने के लिए यह जरूरी होगा कि किसान अपने आधार नंबर से बैंक खाता और मोबाईल नंबर को लिंक कराकर उसे अपडेट रखें।

  सभी जिला कलेक्टर्स को निर्देशित किया गया है कि जिला और तहसील स्तर पर स्थापित आधार पंजीयन केन्द्रों को क्रियाशील रखा जाए ताकि किसान वहां जाकर आसानी से अपना मोबाईल नंबर एवं बायोमेट्रिक अपडेट करा सकें। इस कार्य के लिए पोस्ट ऑफिस में संचालित आधार सुविधा केन्द्र का भी उपयोग किया जा सकता है। आधार नंबर से बैंक खाता लिंक कराने के लिए बैंकों के साथ भी समन्वय आवश्यक होगा। किसान के आधार लिंक बैंक खाते के सत्यापन हेतु पंजीयन के दौरान ही 1 रूपये का ट्रांजेक्शन मध्यप्रदेश राज्य आपूर्ति निगम द्वारा ई-उपार्जन/JIT पोर्टल के माध्यम से कराया जाएगा।

*आधार नंबर का वेरिफिकेशन*
  पंजीयन कराने और फसल बेचने के लिए आधार नंबर का वेरिफिकेशन कराना अनिवार्य होगा। वेरीफिकेशन आधार नंबर से लिंक मोबाईल नंबर पर प्राप्त OTP से या बायोमेट्रिक डिवाईस से किया जा सकेगा। किसान का पंजीयन केवल उसी स्थिति में हो सकेगा जबकि किसान के भू-अभिलेख के खाते एवं खसरे में दर्ज नाम का मिलान आधार कार्ड में दर्ज नाम से होगा। भू-अभिलेख और आधार कार्ड में दर्ज नाम में विसंगति होने पर पंजीयन का सत्यापन तहसील कार्यालय से कराया जाएगा। सत्यापन होने की स्थिति में ही उक्त पंजीयन मान्य होगा।

*किसानों को करें एसएमएस*
  विगत रबी एवं खरीफ के पंजीयन में जिन किसानों के मोबाइल नंबर उपलब्ध हैं, उन्हें एसएमएस से सूचित करने के निर्देश दिये गये हैं। गांव में डोडी पिटवाकर ग्राम पंचायतों के सूचना पटल पर पंजीयन सूचना प्रदर्शित कराने तथा समिति/ मंडी स्तर पर बैनर लगवाने के निर्देश भी दिये गये हैं। किसान पंजीयन की सभी प्रक्रियाएँ समय-सीमा में पूर्ण करने के निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिये गये हैं।

मप्र केबिनेट बैठक

अहम् फैसलों पर लगी मुहर शिक्षकों को सौग़ात

भोपाल/मध्य प्रदेश की डॉ मोहन यादव कैबिनेट (MP Cabinet) की बैठक 13 जनवरी मंगलवार को आयोजित की गई। मंत्रालय में आयोजित MP Cabinet में कई अहम फैसलों पर मुहर लगाई गई।

सीएम ने बैठक से पहले की अभियान पर बात
बता दें कि सीएम डॉ. मोहन यादव ने कैबिनेट बैठक से पहले प्रदेश में शुरू किए गए समाधान अभियान पर बात की। इसके तहत 16 विभागों की 91 हितग्राहीमूलक योजनाओं के पात्र हितग्राहियों को घर-घर जाकर जोड़ा जाएगा। सीएम ने कहा कि अभियान का पहला चरण 12 जनवरी से शुरू किया गया है। जो 16 फरवरी तक जारी रहेगा। लेकिन संपूर्ण अभियान31 मार्च तक चलाया जाएगा। अभियान के तहत घर-घर जाकर आवेदन लिए जाएंगे। वहीं दूसरे चरण में 16 फरवरी से 16 मार्च तक क्लस्टर शिविर आयोजित किए जाएंगे। वहीं तीसरे चरण में 17 मार्च से 26 मार्च तक विकास खंड स्तर पर शेष आवेदन और शिकायतों के साथ ही प्राप्त आवेदनों का निपटारा भी किया जाएगा।

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंत्रि-परिषद की बैठक मंगलवार को मंत्रालय में हुई। मुख्यमंत्री डॉ. यादव सहित मंत्रि-परिषद के सदस्य बैठक में टैबलेट के साथ शामिल हुए। मंत्रि-परिषद द्वारा शैक्षणिक संवर्ग के सहायक शिक्षक, शिक्षक तथा नवीन शैक्षणिक संवर्ग के प्राथमिक एवं माध्यमिक शिक्षकों के लिए 1 जुलाई 2023 अथवा उसके बाद की तिथि से 35 वर्ष की सेवा पूर्ण करने पर, चतुर्थ क्रमोन्नत वेतनमान योजना प्रभावशील किए जाने की स्वीकृति प्रदान की गई है। इसके लिए 322 करोड़ 34 लाख रूपये की स्वीकृति दी गई है।यह उल्लेखनीय हैं कि इस चतुर्थ क्रमोन्नत वेतनमान के लिए समग्र शिक्षक संघ के प्रांताध्यक्ष सुरेश दुबे लम्बे समय से संघर्षरत रहें । समग्र के प्रांताध्यक्ष सुरेश दुबे और उनके साथियों नें केबिनेट के इस निर्णय का स्वागत करते हुए माननीय मुख्यमंत्री जी के प्रति आभार व्यक्त किया ।

चौथे चरण में जिला स्तर पर आयोजन
वहीं समाधान अभियान के चौथे चरण में जिला स्तर पर 26 मार्च से 31 मार्च तक आयोजन किए जाएंगे। इसके तहत शिविर आयोजित किए जाएंगे। इनमें भी सभी अनिराकृत शेष आवेदनों और शिकायतों के साथ ही नए आवेदनों को भी सुलझाया जाएगा।

सीएम ने बैठक से पहले ही मंत्रियों को दिए निर्देश
सीएम मोहन यादव ने अभियान को लेकर कैबिनेट बैठक से पहले ही अभियान को लेकर सख्त निर्देश दिए हैं। उन्होंने सभी मंत्रीगणों को अपने-अपने जिलों में अभियान की लगातार मॉनिटरिंग करने को कहा है।

बता दें कि मोहन सरकार की यह पहली हाईटेक कैबिनेट बैठक है। जिसमें वे स्वयं और सभी मंत्रीगण फाइलों के बजाय टैबलेट अपने साथ लेकर मंत्रालय पहुंचे। सभी ने अपने प्रस्ताव टैबलेट पर देखकर ही प्रजेंट किए और सीएम ने भी टैबलेट देखकर ही उनके प्रस्तावों पर चर्चा की। बताते चलें कि सीएम मोहन यादव की पहल पर मध्य प्रदेश में ई-कैबिनेट की प्रक्रिया शुरु करने के उद्देश्य से मंत्रीगणों को टैबलेट वितरित किए थे। वहीं मंत्री परिषद के समक्ष ई-टैबलेट एप्लिकेशन का प्रजेंटेशन किया था। सीएम ने तब कहा था ई कैबिनेट की पहल ई गवर्नेंस को बढ़ावा देने के लिए शुरू की गई है ये पेपरलेस प्रक्रिया। ताकि इससे पारदर्शिता सुनिश्चित की जा सके।

परिवहन टैक्स में छूट का प्रस्ताव मंजूर।

परिवहन विभाग के प्रस्ताव पर सीएम डॉ मोहन यादव के गृह जिले उज्जैन ओर ग्वालियर व्यापार मेला 2026 में ऑटोमोबाइल बेचने पर परिवहन टैक्स में 50 फीसदी की छूट दिए जाने पर हुई चर्चा। बाद में सर्वसम्मत से प्रस्ताव मंजूर

स्पेस टेक नीति पर लगी मुहर
स्पेस टेक नीति 2026 के माध्यम से राज्य सरकार का उद्देश्य स्पेस टेक्नोलॉजी, सैटेलाइट डेटा, ड्रोन, जियो-स्पेशल एप्लीकेशन, स्टार्टअप्स को बढ़ावा देना और प्रोत्साहन देना है। इसके जरिए रिसर्च, इनोवेशन और निजी निवेश को आकर्षित करने के साथ ही युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर सृजित करना है।

सोलर एनर्जी के ये तीन अहम प्रोजेक्ट्स मंजूर
MP Cabinet बैठक में जिन तीन परियोजनाओं को मंजूरी दी गई, उनमें राज्य में नवीकरणीय ऊर्जा उत्पादन को स्थायित्व के साथ ही पीक डिमांड के समय निर्बाध रूप से बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने का लक्ष्य रखा गया है, इसमें ये परियोजना शामिल हैं…

1- सोलर सह 4 घंटे की 300 मेगावाट विद्युत प्रदाय स्टोरेज परियोजना

2- सोलर सह 6 घंटे की 300 मेगावाट विद्युत प्रदाय स्टोरेज परियोजना

3- 24 घंटे 200 मेगावाट सोलर सह स्टोरेज परियोजना

एमपी के लाखों शिक्षकों को बड़ी राहत, सीएम ने दी बड़ी सौगात
शैक्षणिक संवर्ग के शिक्षकों के लिए चतुर्थ श्रेणी क्रमोन्नत वेतन मान योजना लागू करने को मंजूरी दी गई। इसके तहत सहायक शिक्षक, उच्च श्रेणी शिक्षक तथा नए शैक्षणिक संवर्ग के शिक्षक शामिल होंगे। इस पर 322.34 करोड़ का अनुमानित व्यय आएगा। सरकार का ये फैसला एमपी के 1.21 लाख से ज्यादा शिक्षकों के लिए राहत भरा रहा।

जामा मस्जिद भूमि आवंटन पर पुनर्विचार
कैबिनेट बैठक में इंदौर के मध्य स्थित जामा मस्जिद क्षेत्र से जुड़े भूमि आवंटन के मुद्दे पर चर्चा की गई।

एमपी में खोले जाएंगे 200 नए सांदिपनी विद्यालय
MP Cabinet में स्कूल शिक्षा विभाग के सांदिपनी विद्यालय खोले जाने की योजना के दूसरे चरण को मंजूरी दे दी गई। इसके तहत एमपी में कुल 200 नए सांदिपनी विद्यालय खोले जाने हैं। इसमें करीब 3660 करोड़ रुपए खर्च होंगे। प्रथम चरण में 275 विद्यालयों को स्वीकृति मिली थी। हर स्कूल की स्थापना पर 17-18 करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे।

ये अहम प्रस्ताव भी हुए पास

1.2026-27 की नई आबकारी नीति के लिए मंत्रिपरिषद समिति के गठन को मंजूरी।

2.मध्य प्रदेश माल और सेवा कर अधिनियम 2017 के तहत जारी अधिसूचनाओं को मंजूरी।

3.मोहनपुरा विस्तारीकरण(सारंगपुर) सिंचाई परियोजना को प्रशासकीय मंजूरी.
सुल्तानपुर उद्धहन सिंचाई परियोजना को मंजूरी.खरनार गांव के 11 हजार से ज्यादा से ज्यादा हेक्टेयर में सिचाई होगी। 10 हजार से ज्यादा किसान परिवारों को लाभ होगा।

अभ्युदय

युवा प्रतिभा का उत्सव पहला दिन : संगीत,रंग और नृत्य से सजा

उज्जैन/सम्राट विक्रमादित्य विश्वविद्यालय में आयोजित तीन दिवसीय राज्य स्तरीय युवा उत्सव ‘अभ्युदय’ के पहले दिन सांस्कृतिक और बौद्धिक गतिविधियों की शुरुआत हुई। प्रदेश के विभिन्न विश्वविद्यालयों से आए प्रतिभाशाली विद्यार्थियों ने संगीत, नृत्य, चित्रकला और ज्ञान आधारित प्रतियोगिताओं के माध्यम से अपनी रचनात्मक क्षमता और बौद्धिक कौशल का प्रभावी प्रदर्शन किया। पूरे परिसर में कला, संस्कृति और युवा ऊर्जा का अनूठा संगम देखने को मिला।

पहले दिन आयोजित कार्यक्रमों में शास्त्रीय संगीत की मधुर स्वर लहरियों से लेकर रंगों के माध्यम से भारतीय ज्ञान परंपरा की अभिव्यक्ति तक, हर गतिविधि ने दर्शकों को आकर्षित किया। प्रतियोगिताओं में विद्यार्थियों की उत्साहपूर्ण सहभागिता ने यह स्पष्ट किया कि ‘अभ्युदय’ युवाओं के सर्वांगीण विकास और सांस्कृतिक चेतना को सशक्त करने का प्रभावी मंच बन रहा है।

कुलगुरु प्रो. अर्पण भारद्वाज, कुलसचिव डॉ. अनिल शर्मा एवं विद्यार्थी कल्याण संकायाध्यक्ष प्रो. एस.के. मिश्रा के मार्गदर्शन में उत्सव के इस पहले दिन प्रदेश के विभिन्न विश्वविद्यालयों के प्रतिभागी अपनी कला का प्रदर्शन कर रहे हैं।

एकल शास्त्रीय गायन में गूंजे भारतीय राग

सम्राट विक्रमादित्य विश्वविद्यालय के स्वामी विवेकानंद अभियांत्रिकी संस्थान में आयोजित तीन दिवसीय राज्य स्तरीय युवा उत्सव ‘अभ्युदय’ के प्रथम दिन एकल शास्त्रीय गायन प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। प्रतियोगिता में प्रदेश के विभिन्न विश्वविद्यालयों से आए प्रतिभागियों ने भारतीय शास्त्रीय संगीत की समृद्ध परंपरा को सजीव किया। प्रतिभागियों द्वारा राग भैरवी, बैरागी भैरव, बागेश्वरी, मुल्तानी और यमन जैसे शास्त्रीय रागों की प्रभावशाली प्रस्तुतियां दी गईं। प्रत्येक प्रतिभागी को अपनी प्रस्तुति के लिए 15 मिनट का समय प्रदान किया गया। एक प्रतिभागी ने राग भैरवी और बैरागी भैरव की प्रस्तुति देते हुए आयोजन की सराहना की और कहा कि विश्वविद्यालय द्वारा उत्कृष्ट व्यवस्थाएं की गई हैं, जिससे कलाकारों को किसी प्रकार की असुविधा का सामना नहीं करना पड़ा। प्रतियोगिता में संगीत प्रेमियों की खासी उपस्थिति रही।

भारतीय ज्ञान परंपरा पर आधारित चित्रकला प्रतियोगिता

चित्रकला (स्पॉट पेंटिंग) प्रतियोगिता का आयोजन महाराजा विक्रमादित्य शोध पीठ में किया गया। इस प्रतियोगिता में प्रदेश के विभिन्न विश्वविद्यालयों से आए 12 विद्यार्थियों ने भाग लिया। प्रतिभागियों में बरकतउल्ला विश्वविद्यालय, जीवाजी राव विश्वविद्यालय, राजा मानसिंह विश्वविद्यालय, देवी अहिल्या विश्वविद्यालय तथा सम्राट विक्रमादित्य विश्वविद्यालय सहित अन्य संस्थानों के छात्र शामिल रहे। प्रतियोगिता का विषय ‘भारतीय ज्ञान परंपरा’ रखा गया, जिस पर विद्यार्थियों ने अपनी कल्पनाशीलता और कलात्मक दृष्टि का प्रभावी प्रदर्शन किया। विद्यार्थियों को चित्र बनाने के लिए ढाई घंटे का समय दिया गया। प्रतियोगिता के दौरान शोध पीठ परिसर कला और सृजनात्मकता से सराबोर नजर आया। निर्णायकों ने विषय की गहराई, रंग संयोजन और प्रस्तुति को मूल्यांकन का आधार बनाया।

नृत्य और प्रश्नमंच से सजा युवा उत्सव

दोपहर 2:30 बजे से सायं 6:30 बजे तक मुक्ताकाशी मंच पर एकल शास्त्रीय नृत्य प्रतियोगिता हुई, जिसमें प्रतिभागियों ने भाव, लय और मुद्राओं से दर्शकों को मंत्रमुग्ध किया। इसी अवधि में स्वर्ण जयंती सभागृह में लोकनृत्य एवं आदिवासी नृत्य प्रतियोगिता आयोजित की गई, जहां समूह नृत्य प्रस्तुतियों ने विशेष आकर्षण पैदा किया। वहीं विधि अध्ययनशाला में प्रश्नमंच प्रतियोगिता संपन्न हुई, जिसमें विद्यार्थियों ने अपने ज्ञान और तर्क क्षमता का प्रदर्शन किया। इन प्रतियोगिताओं में प्रदेशभर के विश्वविद्यालयों के छात्रों की सक्रिय सहभागिता रही, जिससे युवा उत्सव का पहला दिन उत्साह, ऊर्जा और सांस्कृतिक उल्लास से भरपूर रहा।

मुक्ताकाशी मंच

लोक संस्कृतियों का अनूठा समागम (समूह नृत्य)

मुक्ताकाशी मंच पर मध्यप्रदेश की माटी की सोंधी महक बिखरी। समूह लोक नृत्य प्रतियोगिता में प्रत्येक दल को 8 से 10 मिनट का समय दिया गया, जिसमें प्रदेश की विविध लोक परंपराएं जीवंत हो उठीं:

बुंदेलखंड की रंगत

महर्षि पाणिनी संस्कृत एवं वैदिक विश्वविद्यालय (दल-5) ने ‘बुंदेलखंडी राई’ की चपलता दिखाई, वहीं महाराजा छत्रसाल बुंदेलखंड विश्वविद्यालय (छतरपुर) ने ‘बुंदेली बधाई’ नृत्य के माध्यम से महाराजा छत्रसाल की वीरता का बखान किया। उन्होंने बताया कि जहाँ-जहाँ छत्रसाल के घोड़े के पदचाप पड़े, वहाँ पन्ना जैसी धरा से हीरे निकले।

कृष्ण लीला और बरेदी

अवंतीबाई लोधी विश्वविद्यालय (सागर) और राजा शंकरशाह विश्वविद्यालय (छिंदवाड़ा) के दलों ने ‘बरेदी नृत्य’ प्रस्तुत किया। यह नृत्य दिवाली से पूर्णिमा तक चलता है, जिसमें ग्वालों की बाल लीलाओं और पशु चराने के दौरान की अठखेलियों का सजीव चित्रण किया गया।

दिवाली के विविध रंग

DAVV इंदौर (दल-15) ने कोंकण तटीय क्षेत्र का ‘दिवली नृत्य’ प्रस्तुत किया। टीम मैनेजर डॉ. पीयूष केंदुरकर ने बताया कि यह दीपों का उत्सव है। वहीं, बरकतउल्ला विश्वविद्यालय (दल-9) ने गौंड जनजाति का लोक नृत्य प्रस्तुत किया, जो गोवर्धन पूजा से प्रारंभ होता है।

अन्य प्रस्तुतियां

ग्वालियर विश्वविद्यालय (दल-2) ने ‘लभरिया’ नृत्य, अवधेश प्रताप विश्वविद्यालय ने ‘कृष्ण लीला’, राजा मानसिंह विश्वविद्यालय (दल-14) ने जोश भरा ‘गिद्दा-भांगड़ा’ और मेजबान विक्रम विश्वविद्यालय ने ‘होली नृत्य’ की जीवंत प्रस्तुति दी।

स्वर्ण जयंती सभागार

शास्त्रीय नृत्य की साधना (एकल नृत्य)
शास्त्रीय नृत्य प्रतियोगिता में साधना और समर्पण का अद्भुत संगम दिखा।

सिद्धि साटले (पाणिनी वि.वि.)

कथक विशारद सिद्धि ने ‘तीन ताल’ में गणेश परन और कृष्ण कवित से मंत्रमुग्ध किया।
श्वेता कुशवाह

प्रसिद्ध नृत्यांगना डॉ. सुचित्रा हरमलकर की शिष्या श्वेता (17 वर्ष का अभ्यास) ने द्रौपदी चीर हरण के ‘गतभाव’ से दर्शकों के रोंगटे खड़े कर दिए।
प्राप्ति सोनी (दल-3)

भरतनाट्यम के माध्यम से माता सीता के पावन चरित्र को उकेरा। उनके साथ किराना घराने के प्रांजल द्विवेदी के संगीत ने समां बांध दिया।

प्रेरक प्रस्तुति

छिंदवाड़ा विश्वविद्यालय के दृष्टिबाधित कलाकार कर्णेश यादव ने अपनी सुरीली आवाज और गायन से सिद्ध किया कि प्रतिभा किसी बाधा की मोहताज नहीं होती।

स्वामी विवेकानंद संस्थान (SOET)

रागों की मधुर सरिता

शास्त्रीय एकल गायन में रागों की शास्त्रीय शुद्धता बिखरी। प्रतिभागियों ने राग भैरवी, बैरागी भैरव, बागेश्वरी, मुल्तानी और यमन जैसे कठिन रागों की प्रस्तुतियां दीं। एक प्रतिभागी ने अनुभव साझा करते हुए कहा कि विश्वविद्यालय की व्यवस्थाएं इतनी उत्कृष्ट हैं कि कलाकारों को अपनी साधना के लिए एकाग्र वातावरण मिल रहा है।

शलाका दीर्घा एवं शोध पीठ

वैचारिक और कलात्मक अभिव्यक्ति

वक्तृता प्रतियोगिता (शलाका दीर्घा)

“गुरु-शिष्य परंपरा” विषय पर प्रतिभागियों ने अपनी वाकपटुता से प्राचीन शिक्षा पद्धति की महत्ता प्रतिपादित की।

चित्रकला (विक्रमादित्य शोध पीठ)

‘भारतीय ज्ञान परंपरा’ विषय पर 12 विश्वविद्यालयों के छात्र-छात्राओं ने ढाई घंटे की अवधि में अपनी कल्पनाओं को रंगों के माध्यम से कैनवास पर उतारा।

SDM निलम्बित

वरिष्ठ अधिकारियों को लगा,आदेश से ज़ाहिर होती हैं,सरकार को बदनाम करने की मंशा

देवास एसडीएम
आनंद मालवीय नें
मंत्री कैलाश विजयवर्गीय द्वारा
‘घंटा’ शब्द को अमानवीय और
निरंकुशता की निशानी
बताते हुए एक आर्डर
जारी कर दिया था।

पदीय कर्तव्यों के निवर्हन में गंभीर लापरवाही बरतने पर अनुविभागीय अधिकारी देवास आनंद मालवीय निलंबित

संभाग आयुक्त उज्जैन श्री आशीष सिंह ने अनुविभागीय अधिकारी अनुभाग देवास आनंद मालवीय को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। संभाग आयुक्त श्री सिंह ने कर्तव्यों के निवर्हन में गंभीर लापरवाही, उदासीनता एवं अनियमितता पर अनुविभागीय अधिकारी देवास आनंद मालवीय को तत्काल प्रभाव से निलंबित किया । निलंबन अवधि में इनका मुख्यालय संभाग आयुक्त कार्यालय उज्जैन रहेगा तथा इन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता प्राप्त करने की पात्रता रहेगी।

विषम परिस्थिति में ननि रथ के नए सारथी

आईएएस क्षितिज सिंघल नए आयुक्त

इन्दौर/भागीरथपुरा दूषित पानी कांड के बाद इंदौर नगर निगम में प्रशासनिक स्तर पर बड़ा बदलाव किया गया है। लापरवाही और व्यवस्था में गंभीर चूक को आधार बनाते हुए तत्कालीन नगर निगम आयुक्त दिलीप यादव को उनके पद से हटा दिया गया, जिसके बाद शासन ने नगर निगम की जिम्मेदारी आईएएस अधिकारी क्षितिज सिंघल को सौंप दी है। यह निर्णय स्पष्ट रूप से यह दर्शाता है कि शासन जनस्वास्थ्य से जुड़े मामलों में अब किसी भी स्तर पर ढिलाई बर्दाश्त नहीं करेगा। नए आयुक्त के रूप में नियुक्त किए गए क्षितिज सिंघल भारतीय प्रशासनिक सेवा के 2014 बैच के अधिकारी हैं और मध्यप्रदेश कैडर से संबंधित हैं। मूल रूप से वे राजस्थान के निवासी हैं। उन्होंने इंजीनियरिंग (बी.ई. ऑनर्स) की शिक्षा प्राप्त की है, जिससे उनके प्रशासनिक निर्णयों में तकनीकी समझ और आधुनिक दृष्टिकोण का स्पष्ट प्रभाव दिखाई देता है। अपने सेवा काल में क्षितिज सिंघल ने राज्य के कई महत्वपूर्ण जिलों और विभागों में जिम्मेदार पदों पर कार्य किया है। वे सिवनी जिले के कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी रह चुके हैं, जहां उन्होंने प्रशासनिक सख्ती, अनुशासन और जनहित को प्राथमिकता देने वाली कार्यशैली से अपनी पहचान बनाई। इसके अतिरिक्त वे मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी में प्रबंध निदेशक जैसे अहम पद पर भी पदस्थ रहे, जहां उन्होंने बड़े प्रशासनिक ढांचे के संचालन और सुधारात्मक निर्णयों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इंदौर नगर निगम जैसे बड़े और संवेदनशील शहरी निकाय की जिम्मेदारी सौंपे जाने के बाद उनसे यह अपेक्षा की जा रही है कि वे जल आपूर्ति व्यवस्था, निगम की जवाबदेही और प्रशासनिक अनुशासन को मजबूत करेंगे। दिलीप यादव को हटाने के बाद क्षितिज सिंघल की नियुक्ति को संकट की घड़ी में शासन का एक सख्त और निर्णायक कदम माना जा रहा है, जिससे शहर की व्यवस्था पर फिर से नियंत्रण और जनता का विश्वास बहाल हो सके।

मुख्यमंत्री ने लिया संज्ञान : कार्यवाही के निर्देश

प्रभारी उपयंत्री बर्खास्त और जांच समिति गठित

झोनल अधिकारी और सहायक यंत्री निलंबित

इन्दौर /मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि इंदौर शहर के भागीरथपुरा क्षेत्र में हुई घटना बेहद दुःखद है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मृतकों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उपचार रत प्रभावितों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की है। साथ ही उन्होंने इस दुखद हादसे में क्षेत्र का दायित्व संभालने वाले अधिकारियों पर कार्यवाही के निर्देश दिए है। इस संबंध में कलेक्टर श्री शिवम वर्मा ने बताया कि भागीरथपुरा मामलें में जोनल अधिकारी शालिग्राम सितोले, सहायक यंत्री श्री योगेश जोशी को तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया है और प्रभारी उपयंत्री पीएचई शुभम श्रीवास्तव को तत्काल प्रभाव से सेवा से पृथक किया गया है.

साथ ही इस पूरे मामले की जांच के लिए तीन सदस्यों की एक समिति गठित की गई है। समिति आईएएस श्री नवजीवन पंवार के निर्देशन में जांच करेगी। समिति में श्री प्रदीप निगम, सुप्रिडेंट इंजीनियर और मेडिकल कॉलेज के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. शैलेश राय को भी शामिल किया गया है।

आकांक्षा टोप्पो मामला

मंत्री-विधायकों के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी, इंफ्लूएंसर आकांक्षा टोप्पो गिरफ्तार

सरगुजा। केबिनेट मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े और स्थानीय विधायकों के खिलाफ सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक टिप्पणी करने के मामले में पुलिस ने आकांक्षा टोप्पो के खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी है. पुलिस ने मामले में धारा 353 (2) B.N.S. के तहत अपराध पंजीबद्ध कर आकांक्षा को गिरफ्तार कर लिया है ।

शिक्षक सुसाइड मामला

BEO और जनशिक्षक को सजा

गुना/शिक्षक धर्मेंद्र सोनी ने स्कूल में लगा ली थी फाँसी, कोर्ट का 95 पेज का फैसला आया । तत्कालीन बमोरी BEO राजीव यादव और सीएसी छतर सिंह लोधा पर लगा था सुसाइड के लिए दुष्प्रेरित करने का आरोप लगाया था,शिक्षक ने मरने से पहले छोड़ा था सुसाइड नोट, कोर्ट ने तत्कालीन बीईओ और सीएसी को दोषी पाया ।

गुना सेशन कोर्ट ने दिया अपना फैसला, दोनों को 7-7 साल की सजा और 15-15 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया ।

शिक्षक ने अपने सुसाइड नोट में लिखा था-“मुझे छतर सिंह लोधा सीएसी बमोरी तथा राजीव यादव बीईओ बमोरी द्वारा इतना अधिक प्रताड़ित किया जा रहा है कि मैं मानसिक रूप से परेशान होकर आत्महत्या कर रहा हूं। छतर सिंह द्वारा बार-बार मेरे स्कूल का निरीक्षण किया जाता है। कभी स्कूल बंद का फोटो मेरे मोबाइल पर भेजकर धमकाया जाता है कि बीईओ साहब को भेजूंगा, डीईओ साहब को भेजूंगा। कई बार एक हजार रुपए, ढाई हजार रुपए, पांच हजार रुपए तक दे चुका हूं। इसी वजह से मैं आर्थिक रूप से और मानसिक रूप से बहुत परेशान हो चुका हूं।

निरीक्षण के दौरान यदि मैं स्कूल पर मिल जाता हूं, तो भी परेशान किया जाता है कि बच्चों को कुछ नहीं आता। बच्चे इतना कम क्यों आते हैं, स्कूल का रिकॉर्ड सही नहीं है। खाना मीनू अनुसार नहीं बनता, जबकि खाना बनाने की जिम्मेदारी समूह वाले पर है। बीईओ राजीव यादव द्वारा स्कूल बंद का नोटिस बार-बार दिया जाता है, इसके बदले हजार, ढाई हजार, पांच हजार रुपए की मांग की जाती है।

मेरे परिवार में मेरे वृद्ध माता-पिता तथा मेरी पत्नी, दो बच्चे हैं। अब इतने से वेतन में बच्चों, माता-पिता, पत्नी को पालूं कि बीईओ, सीएसी को रुपए दूं। मेरी प्रशासन से इतनी ही विनती है कि मुझे आत्महत्या करने को मजबूर करने वालों को छोड़ा न जाए और मेरे वृद्ध माता-पिता तथा पत्नी और बच्चों का ध्यान रखा जाए।”

शीतकालीन अवकाश बढ़ा

चंडीगढ़: कई प्रदेशों में शीतकालीन अवकाश की शुरुआत हो चुकी है। बात करें छत्तीसगढ़ की तो यहाँ 22 दिसंबर से 27 दिसंबर तक शीतकालीन छुट्टियों का ऐलान किया गया है। हालाँकि राज्यवार यह छुट्टियां अलग-अलग है। इसी कड़ी में हरियाणा सरकार ने प्रदेश के सभी स्कूलों के लिए शीतकालीन अवकाश घोषित करते हुए 1 जनवरी से 15 जनवरी तक स्कूलों को बंद रखने का आदेश जारी किया है।

विद्यालय शिक्षा निदेशालय की ओर से हरियाणा राज्य के सभी जिला शिक्षा अधिकारी, खंड शिक्षा अधिकारी, स्कूल मुखिया/प्रभारी को लिखे गए ख़त में कहा गया है कि ” हरियाणा राज्य के सभी विद्यालयों में 1 जनवरी 2026 से 15 जनवरी 2026 तक शीतकालीन अवकाश घोषित किया जाता है. दिनांक 16 जनवरी 2026 (शुक्रवार) से विद्यालय दोबारा पहले की तरह खोले जाएंगे.आपको आग्रह किया जाता है कि अपने अधीनस्थ सभी विद्यालयों में उपरोक्तानुसार अनुपालना सुनिश्चित करें”. साथ ही कहा गया है कि “उपरोक्तानुसार अवकाश के दौरान सीबीएसई, आईसीएसई बोर्ड के नॉर्म्स के मुताबिक बोर्ड कक्षाओं (10वीं और 12वीं) के लिए निर्धारित शेड्यूल के अनुसार विद्यार्थियों को प्रैक्टिकल के लिए विद्यालय में बुलाया जा सकता है।”

पुनर्गठन शीघ्र

मध्य प्रदेश प्रशासनिक पुनर्गठन

भोपाल/ मध्य प्रदेश के प्रशासनिक ढांचे में बड़े स्तर पर बदलाव की प्रक्रिया चल रही है। राज्य प्रशासनिक पुनर्गठन आयोग द्वारा संभाग, जिले और तहसीलों की सीमाओं के पुनर्निर्धारण पर काम किया जा रहा है। यदि प्रस्तावों को मंजूरी मिलती है, तो प्रदेश को एक नया संभाग और तीन नए जिले मिल सकते हैं। इसके साथ ही राजधानी भोपाल में भी तहसीलों का पुनर्गठन किया जाने की तैयारी है।

प्रशासनिक पुनर्गठन आयोग पिछले वर्ष से इस प्रक्रिया पर काम कर रहा है। आयोग का कहना है कि आगामी जनगणना से पहले प्रशासनिक इकाइयों की सीमाओं को तय करना आवश्यक है। इसी उद्देश्य से जिलेवार बैठकें आयोजित की जा रही हैं। इन बैठकों में जनसंख्या, भौगोलिक स्थिति और प्रशासनिक सुविधा जैसे मानकों को आधार बनाया जा रहा है।

सीमांकन प्रक्रिया में तकनीकी सहयोग के लिए इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ पब्लिक एडमिनिस्ट्रेशन (IIPA) को शामिल किया गया है। ड्रोन और सैटेलाइट सर्वे के माध्यम से सीमाओं का आकलन किया जा रहा है। सर्वे पूरा होने के बाद आयोग एक विस्तृत रिपोर्ट तैयार करेगा, जिसे नागरिकों और जनप्रतिनिधियों के सुझावों के साथ राज्य सरकार के समक्ष प्रस्तुत किया जाएगा।

E-HRMS

सेवापुस्तिका ऑन लाइन जनरेशन में उज्जैन पुलिस प्रदेश में प्रथम

🔹डिजिटल गवर्नेंस की दिशा में बड़ा कदम — उज्जैन पुलिस बनी ई-सेवा पुस्तिका ऑनलाइन जनरेशन में प्रदेश की प्रथम इकाई

🔹उक्त उत्कृष्ट कार्यवाही पर पुलिस अधीक्षक ने किया पुलिस टीम को नगद पुरस्कार से सम्मानित

▪️मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा ई-HRMS पोर्टल के माध्यम से पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों की ई-सेवा पुस्तिका ऑनलाइन जनरेट करने हेतु विशेष अभियान संचालित किया जा रहा है। पुलिस महानिदेशक, मध्यप्रदेश श्री कैलाश मकवाना द्वारा उक्त कार्य की अंतिम समय-सीमा दिनांक 31.12.2025 निर्धारित की गई थी।

निर्धारित समय-सीमा से पूर्व उत्कृष्ट कार्य करते हुए उज्जैन पुलिस द्वारा दिनांक 15.12.2025 को ही जिले के संपूर्ण पुलिस बल की ई-सेवा पुस्तिका ऑनलाइन जनरेट कर ली गई, जिससे उज्जैन पुलिस यह उपलब्धि हासिल करने वाली प्रदेश की प्रथम पुलिस इकाई बन गई है।

उक्त महत्वपूर्ण कार्य को समय-सीमा के भीतर पूर्ण कराने के उद्देश्य से पुलिस अधीक्षक, उज्जैन द्वारा पूर्व नियोजन करते हुए विशेष टीम का गठन किया गया। इस कार्य हेतु अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अभिषेक रंजन को नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया, जिनके कुशल मार्गदर्शन एवं सतत निगरानी में यह कार्य सफलतापूर्वक पूर्ण हुआ।

ई-सेवा पुस्तिका ऑनलाइन जनरेशन कार्य में विशेष योगदान देने पर सुबेदार (अ) श्री नितिन वर्मा एवं टीम के अन्य सदस्यों को पुलिस अधीक्षक उज्जैन द्वारा तत्काल ₹500/- नगद पुरस्कार देकर पुरस्कृत किया गया।

🔹ई-सेवा पुस्तिका ऑनलाइन जनरेट होने से उज्जैन पुलिस के समस्त अधिकारी एवं कर्मचारियों का सेवा संबंधी संपूर्ण डाटा डिजिटल, सुरक्षित एवं सुलभ हो गया है, जिससे सेवा संबंधी प्रकरणों के त्वरित निराकरण, प्रशासनिक कार्यों में पारदर्शिता तथा निर्णय प्रक्रिया में गति सुनिश्चित होगी।
उज्जैन पुलिस की यह उपलब्धि डिजिटल इंडिया एवं ई-गवर्नेंस की दिशा में एक महत्वपूर्ण एवं प्रेरणादायक कदम है।

मंत्री के सवाल पर सवाल

घबराकर बीईओ कुर्सी से गिरे नीचे, बैठक में हड़कंप मचा

बिलासपुर। शिक्षा मंत्री गजेन्द्र यादव बुधवार को एक दिवसीय प्रवास पर मंथन सभागार पहुंचे। जैसे ही शिक्षा मंत्री ने बैठक संभाली, उनका पहला ही सवाल कोटा के खंड शिक्षा अधिकारी नरेंद्रनाथ मिश्रा से किया । मंत्री ने पूछा-कोटा में कितने हायर सेकेंडरी, हाई स्कूल, मिडिल और प्राथमिक स्कूल संचालित हो रहे हैं? आखिरी बार कब निरीक्षण किया? कौन-कौन सी गड़बड़ियां मिलीं और उन्हें कैसे हैंडल किया? सवालों के बीच अचानक नरेंद्रनाथ मिश्रा की तबीयत बिगड़ने लगी। उनके चेहरे पर तेज़ पसीना उतर आया और देखते ही देखते वे कुर्सी से नीचे गिर पड़े. अधिकारियों ने तत्काल उन्हें बाहर ले जाकर पानी पिलाया। कुछ पल तक किसी को कुछ समझ नहीं आया. चर्चा एक ही फैली-मंत्री की ताबड़तोड़ फटकार सुनकर BEO बेहोश हो गए।

शिक्षा मंत्री गजेन्द्र यादव ने कहा है कि राज्य में शिक्षक एवं शैक्षणिक संसाधनों की कोई कमी नहीं है। जरूरत अपने स्कूल के प्रति प्रेम करने वाले और पढ़ाई में रूचि दिखाने वाले समर्पित शिक्षकों की है। राज्य सरकार अच्छे शिक्षकों को जहां पुरस्कृत करेगी वहीं लापरवाह किस्म के शिक्षकों को सजा देने में भी कोई कोताही नहीं बरतेगी।

शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार के लिए स्कूलों के निरंतर निरीक्षण पर जोर दिया। श्री यादव ने जिला शिक्षा अधिकारी से लेकर संकुल समन्वयक तक निरंतर स्कूलों का दौरा करने के निर्देश दिए। बैठक में स्कूल शिक्षा विभाग के सचिव सिद्धार्थ कोमल सिंह परेदशी, समग्र शिक्षा की एमडी डॉ. प्रियंका शुक्ला, डीपीआई ऋतुराज रघुवंशी सहित संभाग के सभी आठों जिलों के जिला शिक्षा अधिकारी, डीएमसी, बीईओ, बीआरसी शामिल थे।

तीन वर्षीय समग्र कार्ययोजना बनाने के निर्देश

मंत्री यादव ने सभी जिलों को अगले तीन वर्षों के लिए एक समग्र कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि विद्यालय अधोसंरचना के मजबूत विकास, शैक्षणिक माहौल के संवर्धन और शिक्षण गुणवत्ता में ठोस सुधार को प्राथमिकता दी जाए। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि बच्चों की बेहतर शिक्षा में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार्य नहीं होगी और दीर्घकालिक योजनाएँ ही स्थायी सुधार की नींव बनेंगी।

ऑनलाइन बायोमेट्रिक उपस्थिति अनिवार्य

शिक्षा मंत्री ने बैठक में उपस्थित अधिकारियों को निर्देशित किया कि सभी शिक्षक एवं कर्मचारियों के लिए ऑनलाइन बायोमेट्रिक उपस्थिति अनिवार्य की जाए। उन्होंने बताया कि समय पर उपस्थिति सुनिश्चित कराने के लिए विभाग द्वारा कड़ी निगरानी रखी जा रही है। साथ ही डीईओ, बीईओ और बीआरसी अधिकारियों को विद्यालयों के नियमित निरीक्षण, दौरा चार्ट तैयार करने और उसका कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए ताकि शैक्षणिक गतिविधियों में सुधार हो सके।

शैक्षणिक परिणाम सुधार हेतु लक्ष्य निर्धारित

वार्षिक परीक्षा परिणामों की समीक्षा करते हुए मंत्री श्री यादव ने कक्षा 10 वीं का परिणाम 85 प्रतिशत तथा 12 वीं का परिणाम 90 प्रतिशत लाने का लक्ष्य निर्धारित किया। उन्होंने कहा कि लक्ष्य केवल उत्तीर्ण तक सीमित नहीं रहे बल्कि विद्यार्थियों को उच्च श्रेणी में उत्तीर्ण कराना है। उन्होंने सभी जिलों को मासिक परीक्षा की सतत निगरानी, ब्लूप्रिंट आधारित अध्ययन, उपलब्ध संसाधनों के बेहतर उपयोग और कुशल शिक्षकों द्वारा गुणवत्तापूर्ण अध्यापन सुनिश्चित करने पर विशेष बल दिया। उन्होंने कमजोर बच्चों को चिन्हित कर उनके लिए अतिरिक्त कक्षाएं आयोजित करने को कहा है।

बेसिक लर्निंग पर विशेष फोकस

मंत्री ने कक्षा 3 से 5 तक के विद्यार्थियों के लिए धारा- प्रवाह हिंदी पढ़ने को बढ़ावा देने हेतु विशेष योजना तैयार करने को कहा। साथ ही माध्यमिक एवं उच्चतर माध्यमिक स्तर पर विद्यार्थियों की बेसिक गणित और अंग्रेजी दक्षता बढ़ाने के निर्देश दिए। उन्होंने विद्यार्थियों के अपार आईडी को 100 प्रतिशत पूरा करने पर भी जोर दिया। उन्होंने स्कूलों की यू-डाइस को भी अपडेट करने के निर्देश दिए। बिलासपुर और सक्ति जिले में अपार आईडी के निर्माण की कम प्रगति पर नाराजगी जाहिर की और इसमें अगले एक सप्ताह में सुधार लाने के कड़े निर्देश दिए। ड्रॉपआउट रोकने को सर्वाेच्च प्राथमिकता बताते हुए उन्होंने संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय करने की बात कही और समुदाय व पालकों के साथ नियमित संवाद को भी आवश्यक बताया।

सेवानिवृत्त शिक्षकों के लंबित स्वत्व देयकों का त्वरित निराकरण करें

बैठक में मंत्री ने निर्देश दिए कि सेवानिवृत्ति के दिन ही शिक्षकों की सेवा पुस्तिका, पासबुक और स्वत्वों का भुगतान सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने विकासखंड शिक्षा अधिकारियों को इस कार्य को अत्यंत गंभीरता से लेने के लिए कहा, ताकि सेवानिवृत्त कर्मचारियों को किसी प्रकार की परेशानी न हो।

पंचायतों को दें स्कूल मरम्मत का काम

मंत्री ने स्कूल मरम्मत के छोटे-छोटे काम स्थानीय ग्राम पंचायतों के माध्यम से कराने को कहा है। उन्होंने कहा कि स्कूल में आमतौर पर शौचालय निर्माण, शौचालय मरम्मत, पोताई, बिजली, पानी के काम होते है। देखा गया है कि अन्य एजेंसियों के माध्यम से कार्य कराने पर काफी विलंब होता है। पंचायतों के माध्यम से काम होने से स्थानीय समुदाय का इसमें लगाव भी होता है और बहुत सारी समस्याएं अपने आप ठीक हो जाती है। उन्होंने 31 जनवरी तक शौचालय संबंधी सभी काम पूर्ण कर रिपोर्ट देने के निर्देश दिए हैं।

अंतर्राष्ट्रीय गीता महोत्सव

दुसरे दिन

वैष्णवी शर्मा द्वारा विराटजयी काव्य प्रस्तुति

उज्जैन 02 दिसंबर/ गीता जयंती के पावन अवसर पर आयोजित अंतर्राष्ट्रीय गीता महोत्सव के दूसरे दिन का वातावरण भक्ति, अध्यात्म और साहित्यिक ऊर्जा से परिपूर्ण रहा। इस अवसर पर युवा कवयित्री वैष्णवी शर्मा ने अपनी प्रभावशाली काव्य प्रस्तुति विराटजयी के माध्यम से उज्जैन के दशहरा मैदान में उपस्थित श्रोताओं को भगवान श्रीकृष्ण के विराट स्वरूप, कर्तव्य-योग और धर्मस्थापन के संदेश से अभिभूत कर दिया।

वैष्णवी शर्मा की ओजस्वी वाणी, सधी हुई प्रस्तुति और गीता के दार्शनिक प्रसंगों का सहज भावात्मक चित्रण दर्शकों के मन में गहरा प्रभाव छोड़ गया। उन्होंने अपने काव्य पाठ में गीता के माध्यम से प्रकट होने वाले समन्वय, शौर्य और विश्वबंधुत्व के संदेश को आधुनिक संदर्भों से जोड़ते हुए प्रस्तुत किया, जिसे उपस्थित विद्वानों, कलाकारों और श्रद्धालुओं ने भरपूर सराहा।

कार्यक्रम के दौरान आयोजकों ने कहा कि अंतर्राष्ट्रीय गीता महोत्सव का उद्देश्य भारतीय ज्ञान परंपरा को वैश्विक पटल पर सशक्त रूप से स्थापित करना है, और वैष्णवी शर्मा जैसी युवा प्रतिभाओं की सहभागिता इस ध्येय को पूर्णता प्रदान करती है। प्रस्तुति के उपरांत दर्शकों ने उत्साहपूर्वक उनका स्वागत करते हुए उनके प्रयासों की प्रशंसा की।

अंतर्राष्ट्रीय गीता महोत्सव में विविध सांस्कृतिक कार्यक्रम, प्रवचन, गीता पाठ, संगीत-नृत्य प्रस्तुतियाँ और साहित्यिक गोष्ठियाँ निरंतर जारी हैं।

इस अवसर पर श्री राजेश सिंह कुशवाह वरिष्ठ कार्यपरिषद सदस्य विक्रम विश्वविद्यालय उज्जैन एवं पुराविद् डॉक्टर रमन सोलंकी, राहुल रस्तोगी, रितेश वर्मा, उपस्थित थे।

ब्रिज कोर्स

बीएड योग्यताधारी प्राथमिक शिक्षक ब्रिज कोर्स के लिये 25 दिसम्बर तक करा सकेंगे रजिस्ट्रेशन
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समस्त जिला शिक्षा अधिकारियों को जारी किया गया परिपत्

भोपाल : लोक शिक्षण संचालनालय ने प्रदेश में 11 अगस्त, 2023 के पूर्व नियुक्त बीएड योग्यताधारी शिक्षकों को ब्रिज कोर्स के लिये अपना रजिस्ट्रेशन 25 दिसम्बर, 2025 तक https://bridge.nios.ac.in
वेबसाइट पर करने के निर्देश दिये हैं। इस संबंध में प्रदेश के समस्त जिला शिक्षा अधिकारियों को परिपत्र जारी किया गया है।

परिपत्र में कहा गया है कि प्राथमिक शिक्षक की व्यावसायिक योग्यता के संबंध में सर्वोच्च न्यायालय ने आदेश पारित किया है। बीएड योग्यताधारी प्राथमिक शिक्षकों को राष्ट्रीय मुक्त विद्यालयी शिक्षा संस्थान, नई दिल्ली से 6 माह का ब्रिज कोर्स ओपन एण्ड डिस्टेंस लर्निंग ओडीएल मोड से कराये जाने का उल्लेख है। पत्र में कहा गया है कि संबंधित प्राथमिक शिक्षक समयसीमा में रजिस्ट्रेशन सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशानुसार नहीं कराते हैं अथवा रजिस्ट्रेशन के बाद एक वर्ष में ब्रिज कोर्स पूर्ण नहीं करते हैं, तो ऐसे प्राथमिक शिक्षकों की नियुक्ति आगे जारी नहीं रखी जा सकेगी। इस संबंध में प्राथमिक शिक्षक जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय एवं ब्लॉक शिक्षा अधिकारी कार्यालय से विस्तृत जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।

भाजपा का नवाचार

भोपाल/मप्र भाजपा में नवाचार देखने को मिला है। प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने जिस परंपरा का प्रारंभ किया है उससे पार्टी के कार्यकर्ताओं में खुशी की लहर है। दरअसल पार्टी के कार्यकर्ता लगातार शिकायत कर रहे थे कि मंत्रियों के बंगले में उनकी सुनवाई नहीं होती है। मंत्रियों के कर्मचारी और करीबी लोग उनकी मुलाकात मंत्रियों से नहीं होने देते हैं।

कार्यकर्ताओं की इस बात का सम्मान करते हुए प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने हफ्ते में पांच दिन मंत्रियों को प्रदेश कार्यालय में बैठने का निर्देश जारी किया है। इस आदेश के मुताबिक हर दिन दो मंत्री एक बजे से चार बजे तक प्रदेश कार्यालय में अपनी ड्यूटी देंगे। पहले दिन गौतम टेटवाल और जगदीश देवड़ा की ड्यूटी लगाई गई थी। मंत्रियों के बैठने के लिए पूर्व प्रदेश कार्यालय प्रभारी भगवानदास सबनानी के कक्ष को आरक्षित कर दिया गया है। जिसमें मंत्री बैठेंगे और पार्टी के कार्यकर्ताओं की बात सुन कर उसका उचित निराकरण करने का प्रयास करंगे। बीजेपी अध्यक्ष ने अपने आदेश में साफ कहा है कि कोई भी नेता पहले पार्टी का कार्यकर्ता हैं उसके बाद वो मंत्री अथवा वीवीआइपी है। प्रदेश अध्यक्ष के निर्देश का पालन करते हुए दोनो मंत्री प्रदेश कार्यालय पहुंचे। ये बात और है कि गौतम पेटवाल निर्धारित समय पर पहुंचे जबकि डिप्टी सीएम जगदीश देवड़ा समय से एक घंटे लेट आए मतलब दो बजे वो प्रदेश कार्यालय आए। दनों मंत्रियों के कार्यालय में बैठने की पहले दिन ज्यादा खबर नहीं होने से कार्यकर्ताओं का अभाव देखने को मिला लेकिन ये माना जा रहा है कि प्रदेश अध्यक्ष के इस फैसले के बाद पार्टी के कार्यकर्ताओं के बीच एक अच्छा मैसेज जाएगा और पार्टी के कार्यकर्ता दोगुनी ऊर्जा के साथ काम करेंगे।

विद्यालय में अव्यवस्था

कलेक्टर में किया स्टॉफ इधर से उधर

गांधीसागर बाँध का विहंगम दृश्य

अतिवृष्टि की स्थिति बनी । गांधीसागर बाँध के दस गेट खोले गए ।

जय चंबल !!

इस त्यौहार अवकाश

मप्र सरकार का आदेश,सब पर लागू

त्रैमासिक परीक्षा कार्यक्रम घोषित

परामर्श शुल्क Rs. 200 @ व्यक्ति phonepe 8602110000